- नई दिल्ली (Board Exams 2025). शिक्षा मंत्रालय स्कूल और उच्च शिक्षा में बड़े बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित की जाएंगी। शिक्षा मंत्रालय ने अगले शैक्षणिक सत्र यानी i.e से वर्ष में दो बार 10वीं और 12वीं कक्षाओं की बोर्ड परीक्षा आयोजित करने की सहमति दी है। 2025-26 तक। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कक्षा 10 और कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाएं जेईई के प्रारूप में आयोजित की जा सकती हैं।
- नई दिल्लीः केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए संशोधित कार्यक्रम जारी कर दिया है। अब यह देखना है कि अंतिम सहमति क्या बनती है और इसे स्कूलों में कैसे लागू किया जाएगा। बता दें कि अब विश्वविद्यालय में भी साल में दो बार प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अधिकांश विदेशी विश्वविद्यालयों में भी यही स्थिति है। (University Admission). दो टर्म में एडमिशन होते हैं और अब भारतीय विश्वविद्यालय भी इसी तर्ज पर एडमिशन देंगे। आइए अब बोर्ड परीक्षा 2025 की योजना को समझते हैं।
- बोर्ड परीक्षा 2025: वर्ष 2025-26 में होने वाली बोर्ड परीक्षा के लिए दो योजनाएं बनाई गई हैं। आपको दोनों को जानना होगा। इसे लागू करने में कुछ समय लग सकता है और 2025 के बजाय 1-2 साल के बाद सिस्टम शुरू हो सकता है।
- पहला सूत्र… छात्रों को बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए 2 विकल्प मिलेंगे। बेहतर परिणाम को अंतिम परिणाम माना जाएगा।
- दूसरा फॉर्मूला-बोर्ड परीक्षाएं सेमेस्टर वार यानी i.e. आयोजित की जा सकती हैं। 6-6 महीने में। एक बार फरवरी में और दूसरी बार अप्रैल में।
- 2025 में बोर्ड परीक्षाएंः सीबीएसई सहित अन्य बोर्ड। शिक्षा मंत्रालय वर्तमान में सीबीएसई और अन्य शिक्षा बोर्डों के साथ इस मामले पर चर्चा कर रहा है। शिक्षा मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों का तनाव कम होगा। यदि कोई छात्र पहले प्रयास में असफल हो जाता है, तो वह फिर से परीक्षा दे सकता है। बोर्ड परीक्षा में दो मौके मिलने से छात्रों का भविष्य खराब होने से बचेगा और वे पूरी ऊर्जा के साथ परीक्षा दे पाएंगे।
- शिक्षा विश्वविद्यालयः प्रवेश में आसानी होगी, अब आपको वर्ष में 2 बार उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेश मिलेगा। ऐसे में अगर 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में देरी होती है तो छात्रों को एडमिशन का टेंशन नहीं होगा। यदि कोई छात्र पहले सत्र यानी i.e में प्रवेश लेने में सक्षम नहीं है। जुलाई-अगस्त, फिर वह दूसरे सत्र यानी i.e में प्रवेश ले सकेगा। नई प्रणाली के कारण जनवरी-फरवरी (University Admission). कॉलेज में जाने के लिए आपको एक साल इंतजार करने की जरूरत नहीं है।










